जमीं चल रही है, फलक चल रहा है
बुझा दो दिया अब तलक जल रहा है?
जो पूरी न होगी कभी ज़िंदगी में
भला ऐसी उम्मीद का हम करें क्या?
मिलेगी तुझे तेरी ख्वाबों की मंज़िल
ये कह भाग्य तारा हमें छल रहा है
बुझा दो दिया अब तलक जल रहा है
जहाँ में सजी है चिरागों की महफ़िल
मगर मैं हूँ तन्हा है तन्हा मेरा दिल
जो खुद को कभी हमने खुद ही दिया था
वो झूठा दिलासा हमें खल रहा है
बुझा दो दिया अब तलक जल रहा है
ये चाहत की मंज़िल वो सपनों की राहें
किसी का सहारा किसी की निगाहें
ये झूठी जहाँ की है तस्वीर सारी
ये कहता क्षितिज पर अनल ढल रहा है
बुझा दो दिया अब तलक जल रहा है.....
धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो, ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो.............., वो सितारा है चमकने दो यूँ ही आँखों में, क्या ज़रूरी है उसे जिस्म बनाकर देखो................, पत्थरों में भी ज़ुबां होती है दिल होते हैं, अपने घर के दरोदीवार सजा कर देखो............, फ़ासला नज़रों का धोखा भी तो हो सकता है, वो मिले या न मिले हाथ बढ़ा कर देखो...............
Sunday, October 11, 2009
Success
Success is like a beautiful girl
it will leave us at any time,
but failure is like a mother
it will teach us some
important lessons of life.
it will leave us at any time,
but failure is like a mother
it will teach us some
important lessons of life.
Kuch Log Badal Gaye Hain
Is Raat Ki...Tanhayeeon K
Sab Rang Badal Gaye Hain
Chand Nikla Hai Waisay He
Andharay Badal Gaye Hain
Jin K Bharosay Theen Khushian
Woh Badal Thahar Gaye Hain
Manzilain To Ab Bhi Woh He Hain
Kuch Rastay Badal Gaye Hain
Jin Pe Kiya Tha Bharosa Hum Nay
Woh Dost Bichar Gaye Hain
Dekhay Thay Jo Hum Nay
Woh Khuwab Badal Gay Hain
Jo Banay Thay Kabhi Humsafar
Aaj Woh He Mukar Gaye Hain
Iss Tutay Huay Dil K Saray
Jazbaat Badal Gaye Hain
Na Badla Kabhi Zamana
Na Badley Zamane Ke Khayal
Bas Rona Hai Yehi
Kuch Log Badal Gayee Hain
Sab Rang Badal Gaye Hain
Chand Nikla Hai Waisay He
Andharay Badal Gaye Hain
Jin K Bharosay Theen Khushian
Woh Badal Thahar Gaye Hain
Manzilain To Ab Bhi Woh He Hain
Kuch Rastay Badal Gaye Hain
Jin Pe Kiya Tha Bharosa Hum Nay
Woh Dost Bichar Gaye Hain
Dekhay Thay Jo Hum Nay
Woh Khuwab Badal Gay Hain
Jo Banay Thay Kabhi Humsafar
Aaj Woh He Mukar Gaye Hain
Iss Tutay Huay Dil K Saray
Jazbaat Badal Gaye Hain
Na Badla Kabhi Zamana
Na Badley Zamane Ke Khayal
Bas Rona Hai Yehi
Kuch Log Badal Gayee Hain
Heart
When there is a confusion between
your heart and mind,
don't listen to your mind because mind
knows everything
your heart and mind,
don't listen to your mind because mind
knows everything
सेतु .. चाहता हें..........
बहुत देर बेठे सिद्धांतों के मठ में
अब बाजार जाने को जी चाहता है
जब से देखी शराफत की फजीहत
इसका व्यापार करने को जी चाहता हें
सोचा था लड़लेंगे कलम से लडाई ,
मगर कमबख्तों ने हाथ ही काट डाला
अब तो बस इक हाथ सलामत हें ,
हथियार उठाने को जी चाहता है
बहुत देर बेठे .........................
संकल्प था की कलम की स्याही से
बदल देंगे दुनिया के स्याह हालात
सबको दिलायेगे महावीर ,
बुद्ध और गाँधी की याद
मगर सब है..ये किताबों की बात .....
अब तो भगत सिंह या आज़ाद
होने को जी चाहता हें
.बहुत देर बेठे ....
लगे सात सौ साल
हमे होने में आज़ाद (?)
मगरसिर्फ ६० वर्ष मे
ही हो गये बर्बाद
बद से बदत्तर है.. हर ...हालात
सौगंध भारती मैया की
अब देशद्रोहियों का सर्वनाश
करने को जी चाहता है
बहुत देर बैठे सिन्द्धान्तो के ...
ए जीना भी कोई जीना है दोस्तों
जवान और किसान दोनों ही
जलील हो रहे है दोस्तों
जिस्म सस्ता और आटा महंगा हें दोस्तों
बहुत जी ली जलालत कि जिन्दगी अब
फख्र कि मौत मरने को जी चाहता है
अब बाजार जाने को जी चाहता है
जब से देखी शराफत की फजीहत
इसका व्यापार करने को जी चाहता हें
सोचा था लड़लेंगे कलम से लडाई ,
मगर कमबख्तों ने हाथ ही काट डाला
अब तो बस इक हाथ सलामत हें ,
हथियार उठाने को जी चाहता है
बहुत देर बेठे .........................
संकल्प था की कलम की स्याही से
बदल देंगे दुनिया के स्याह हालात
सबको दिलायेगे महावीर ,
बुद्ध और गाँधी की याद
मगर सब है..ये किताबों की बात .....
अब तो भगत सिंह या आज़ाद
होने को जी चाहता हें
.बहुत देर बेठे ....
लगे सात सौ साल
हमे होने में आज़ाद (?)
मगरसिर्फ ६० वर्ष मे
ही हो गये बर्बाद
बद से बदत्तर है.. हर ...हालात
सौगंध भारती मैया की
अब देशद्रोहियों का सर्वनाश
करने को जी चाहता है
बहुत देर बैठे सिन्द्धान्तो के ...
ए जीना भी कोई जीना है दोस्तों
जवान और किसान दोनों ही
जलील हो रहे है दोस्तों
जिस्म सस्ता और आटा महंगा हें दोस्तों
बहुत जी ली जलालत कि जिन्दगी अब
फख्र कि मौत मरने को जी चाहता है
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