कभी कभी मै सोचता हूँ की .काश ऐसा हो की केवल गुड मोर्निंग ही ना हो....बल्कि धमाल हो.....कुछ चुनिन्दा दोस्त हो ,एक बंद कमरा हो ,जिसमे 5 .1 का सुपर बिजली की गति का संगीत हो..कमरे मे डिम नीली लाइट हो , शानदार खाना हो ...मस्त पंजाबी गाना हो .....या शम्मी कपूर का दौर हो, और बिंदास जम कर शानदार जैसा आये वैसा डांस हो ,डांस के साथ कोल्ड ड्रिंक* ....हो ,और लज़ीज़ खाना ,खाने के साथ मलाईदार दूध ...और उसके बाद शानदार मीठा पान ....काश ऐसा हो ....खान पान और गान .....तो उस दिन के क्या कहने ..दोस्तों के मेले कभी ना रहे अकेले....क्या ये सपना है ....है पर इतना सा खवाब है ...देखे कब पूरा होता है..........क्या कहते है दोस्तों..........ये ज़िंदगी में मेले कभी कम ना होंगे अफ़सोस हम ना होंगे....शुभ प्रभात दोस्तों साथ ही शुभ दिन ..
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