आज मैंने अपना फिर सौदा किया..
और फिर मैं दूर से देखा किया..
ज़िन्दगी भर मेरे काम आयें उसूल..
एक एक करके उन्हें बेचा किया...
कुछ कमी अपनी वफाओं में भी थी..
तुम से क्या कहते की तुमने का किया...
हो गयी थी दिल को कुछ उम्मीद सी..
खैर तुमने जो किया अच्छा किया....
आज मैंने अपना फिर सौदा किया.................
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