वाह इंसान कुछ ना छोड़ा
मोल रिश्तो का
मोल प्यार का
मोल दोस्ती का
मोल जिन्दगी का
मोल मोत का
मोल इज्जत का
मोल इंसान का
मोल भगवान का
वाह इंसान कुछ ना छोड़ा
अजीब तेरी पहचान है
मोल भाव कि खोल दी तुने
दुकान है ..............
क्या यही भेजा भगवान्
का इंसान है
आज वो खुद अपनी बाने
से परेशान है
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