कुछ बदल रहा कुछ हम बदलेंगे
तब बदलेगा जब हम बदलेंगे
कुछ देखा है, कुछ देखेगे
कुछ लिखा है, कुछ लिख देंगे
यारों चलो, यारों चलो...
बदलने की रुत है, यारों चलो
सँवरने की रुत है, यारों चलो...
यारो चलो...
हवा कह रही तू ठहरना नहीं,
गगन कह रहा तू बिखरना नहीं,
ज़मीं कह रही मुझको छू के तो देख,
आँखें मिला सच से डरना नहीं...
कुछ कर गुजरने की रुत है, यारों चलो...
यारों चलो...
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