Thursday, July 07, 2011

अम्बर पे तेरा नाम

अम्बर पे मिलते है कदमों के निशाँ तेरे ही हर शाम
खिड़की पे लिखे कोई उस की बूंदों से तेरा नाम


जब आओगे तुम तब गायेंगे हम सरगम ये सजे तेरे संग संग
इस खाब को सच करके ही जाना रे
धड़कन ये मेरे दिल की, पूछे रे तेरे दिल से
की सच मुच क्या है तू दुनिया में

अम्बर पे मिलते है कदमों के निशाँ तेरे ही हर शाम
खिड़की पे लिखे कोई उस की बूंदों से तेरा नाम

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